मुस्कुराते हैं हम, मगर अंदर से वीराने।
थक गई है वो मजबूत बनने का दिखावा करते-करते,
जिसको चाहा वो मिला नही, जो मिला उससे मोहब्बत ना हुई…!
और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनियां बुरी लग गई,
वही सबसे पहले हमारे विश्वास को तोड़ जाते हैं।
थक के बैठ जाऊं तो गले से लगा लेना ए जिंदगी अब किसी से उम्मीद नही रही हमें इस फरेबी जमाने में
खाकर ठोकर ज़माने की, फिर लौट आए मैखाने में,
नया कपड़ा क्या पहन लिया अब तो बात भी नही करते…!
डूब जाते है आँखों में ख्वाबो के सभी जहाज,
हम हँसते भी हैं तो लोग दर्द पहचान नहीं पाते।”
अपना बनाकर फिर कुछ दिनों में बेगाना कर दिया,
हम Sad Shayari in Hindi भी अब खुद को छोड़कर किसी को पसंद नहीं करते।
बड़ी मासूमियत से कहते हैं मजबूर थे हम !!
बहुत उदास करती हैं मुझको निशानियाँ तेरी.